गलथेथरई
गलथेथरई
(Move to ...)
Home
▼
Tuesday, 24 March 2026
बधाई जीते जी इलाहाबाद!
›
हमारी सनातन संस्कृति ने विमर्श की परंपरा का पोषण किया है। विवादों के कलह से दूर शास्त्रीय परंपरा में समालोचना ही हमारी आलोचना-संस्कृति रही...
6 comments:
Friday, 27 February 2026
सरपंच सच
›
अश्वत्थामा शापित है जीने को। इस भारतखण्ड में। सपनों में। टुकड़ों-टुकड़ों में।एक के बाद एक चित्र सरकता है। ……..राजा गुरुकुल आए हैं। राजमुकुट...
10 comments:
Friday, 20 February 2026
बेटी बचाओ, बेटी बचाओ।
›
चले गए दिन गार्गी के वे, और मिथिला की राजसभा! वाचाकनवी ने शिथिल किया, जब याज्ञवल्क्य की ज्ञान प्रभा। समय एक सा नहीं है रहता, कुदरत की है कह...
2 comments:
Tuesday, 27 January 2026
नई सरकार, वही सम्राट
›
जम्हूरी, जलालत ललाट, नई सरकार, वही ' सम्राट'। जो नैतिकता को काट- काट, और मर्यादा छांट- छांट। इज्जत आबरू चाट- चाट, नराधमों में बांट-...
16 comments:
Wednesday, 29 October 2025
जाति का सच : रोज़ी-रोटी-बेटी या राजनीति!
›
लोकतंत्र की जन्मस्थली बिहार में अब लोकतंत्र की परिभाषा बदल गयी है। अब यह जातितंत्र में बदल गया है। यह जाति का, जाति के लिए और जाति के द्वारा...
12 comments:
›
Home
View web version