गलथेथरई
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Thursday, 4 June 2026
ख़बरनवीस बाज़ीगर बनिया!
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अनजाने ॐकारा भरती, गिरती-पड़ती हर की पौड़ी। ‘यू टू वर’ नीट धुरफ़ंथी, नहीं सुहाती फूटी कौड़ी। कबडी, कबडी, कबडी करती, चौथे खम्भे तक जा दौड़ी...
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Tuesday, 5 May 2026
कलम पर पहरा!
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क्या कहा कवि? कविता कह नहीं पा रहा! अन्दर का खदबदाता इंकलाब भीतर ही घुटता अटका ठहरा है। कारण, मुल्क का आम जन बहरा है। हो गई पंगु, पन्नों पर...
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Tuesday, 24 March 2026
बधाई जीते जी इलाहाबाद!
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हमारी सनातन संस्कृति ने विमर्श की परंपरा का पोषण किया है। विवादों के कलह से दूर शास्त्रीय परंपरा में समालोचना ही हमारी आलोचना-संस्कृति रही...
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Friday, 27 February 2026
सरपंच सच
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अश्वत्थामा शापित है जीने को। इस भारतखण्ड में। सपनों में। टुकड़ों-टुकड़ों में।एक के बाद एक चित्र सरकता है। ……..राजा गुरुकुल आए हैं। राजमुकुट...
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Friday, 20 February 2026
बेटी बचाओ, बेटी बचाओ।
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चले गए दिन गार्गी के वे, और मिथिला की राजसभा! वाचाकनवी ने शिथिल किया, जब याज्ञवल्क्य की ज्ञान प्रभा। समय एक सा नहीं है रहता, कुदरत की है कह...
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