गलथेथरई

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Sunday, 22 September 2024

बस तीन बीघा की बात!

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( तीन बीघा का छोटा-सा गलियारा एक बड़े भाई के बहुत बड़े दिल की दास्ताँ है। हिंदुस्तान का बांग्ला देश को दिया गया ज़मीन का यह छोटा -सा टुकड़ा ...
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Monday, 12 August 2024

छिन्नमस्तिका!

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आसमान भी रो रहा था, धरती पानी- पानी थी। काली बाड़ी खप्परधारी, चुप्पी ये बेमानी थी। भैरव भी सावन के अंधे, हुगली हो ली काली थी। आयुष- मंदिर ना...
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Tuesday, 23 July 2024

धंधेबाज़ फिर धंधे पर!

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नौनिहालों को नोच-नोच, ये देखो नटूए नाच रहे हैं। इजलास के जलसे में जो, रामकथा को बाँच रहे हैं। लीपपोतकर लीक-वीक, ये लोकलाज भी लील गए। इंसाफ़ ...
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Tuesday, 21 May 2024

शब्द - संसार

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  एफ एम गोल्ड पर शब्द - संसार कार्यक्रम में बातचीत।
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Monday, 11 September 2023

स्वतंत्र हुए स्वाधीन होना है

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 पुस्तक - स्वतंत्र हुए स्वाधीन होना है  लेखक - शिवदयाल  (संपर्क -९८३५२६३९३०) प्रकाशन - प्रलेक प्रकाशन, मुंबई   मूल्य - २४९ रुपए (अमेजन और फ्...
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बोलेंगे तो बोलेगा कि बोलता है, गांठ मन की गने-गने खोलता है.

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विश्वमोहन
बी ई (आई आई टी, रुड़की), एम टेक (आई आई टी, बॉम्बे), विधि स्नातक (दिल्ली विश्वविद्यालय)
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